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पशु कल्याण के लिए समर्पित

पशु पक्षियों के साथ हो रही क्रूरता सम्बन्धित घटनाओं की रोकथाम करवाने तथा पशु पालकों, पशु चिकित्सा कार्मिकों, गौशालाओं की समस्याओं से प्रशासन व राज्य सरकार को अवगत करा कर निवारण करवाने हेतु ज्ञापन देकर निवारण करवाने का प्रयास किया जा रहा है।

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अल्पकालीन प्रशिक्षण
पशु चिकित्सा कार्मिकों के माध्यम से पशु पालकों व जनसामान्य को घायल अथवा बीमार जीव जन्तु की पूर्ण चिकित्सा करने हेतु पशु चिकित्सक के मौके पर पहुंचने से पूर्व जीव जन्तु का संरक्षण कर उसकी सहायता व प्राथमिक उपचार के लिए अल्पकालीन प्रशिक्षण देना।
पशु पक्षियों की आज़ादी :
पशु पक्षियों की आज़ादी :
1. सामान्य व्यवहार व्यक्त करने की आज़ादी।
2. भूख व प्यास से आज़ादी
3. परेशानी, रोग, चोट व दर्द से आज़ाद
4. डर व तनाव से आज़ादी
पशु पक्षियों में भी हमारे समान ही संवेदनाएं/भावनाएं होती हैं इनका भी परिवार होता है, इसलिए इन्हें भी जीवन जीने के लिए प्रकृति में पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए, इन अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता है कि भारतीय संविधान की पालना में पर्यावरण संरक्षण, पशु पक्षियों को यथा भोजन, पानी, आवास और स्वास्थ्य देखभाल करने के लिए प्रत्येक नागरिक सक्रिय हो, इन्हें आपके प्यार और हमदर्दी की ज़रूरत है।
हमारी परियोजनाएं :
1. पशु चिकित्सा कार्मिकों की समस्याओं व प्रकरणों से प्रशासन व राज्य सरकार को अवगत करा कर निवारण करवाना।
2. पशु पालकों एवं गौशालाओं की समस्याओं से प्रशासन व राज्य सरकार को अवगत करा कर निवारण करवाना।
3. पशु चिकित्सा कार्मिकों के माध्यम से पशु पालकों व जनसामान्य को घायल अथवा बीमार पशु पक्षी की पूर्ण चिकित्सा करने हेतु पशु चिकित्सक के मौके पर पहुंचने से पूर्व जीव जन्तु का संरक्षण कर उसकी सहायता व प्राथमिक उपचार के लिए अल्पकालीन प्रशिक्षण देना।
4. पशु पक्षियों के साथ हो रही क्रूरता प्रकरणों से प्रशासन व राज्य सरकार को अवगत करा कर निवारण करवाना।
5. पशु प्रबंधन पर जागरूकता फैलाना।
6. प्रत्येक स्तर पर आवश्यकतानुसार कार्यकारिणी का गठन करना।
7. चारागाहों व वनों की भूमि चिन्हित कर उन्हें अतिक्रमण से मुक्त करवाना।
8. प्रत्येक स्तर पर क्षेत्रवार योजना तैयार कर राज्य सरकार को अवगत कराना।
9. समय समय पर मॉक ड्रिल का अभ्यास व उचित मॉनिटरिंग करना तथा योजनाओं का मूल्यांकन कर अद्यतन करना।
10. मौसमी बीमारियों से पशु पक्षियों की पीड़ा से मुक्ति व बचाव हेतु पशु चिकित्सा कार्मिकों के माध्यम से उचित टीकाकरण करवाना।